अब डॉक्टर बतायेंगे- 10 साल बाद आपको कौन-सी बीमारी होगी |

0
newhindi.news study future dideases

भविष्य में होने वाली बिमारियों के बारे में 10-20 साल पहले ही जानकारी दे देंगे डॉक्टर | एम्स में चल रही है स्टडी |

AIIMS Study Prediction About Future Diseases:

कल्पना कीजिए कि यदि आपको अपने शरीर में होने वाली बीमारी के बारे में 10 या 20 साल पहले बता दिया जाये , तो आप क्या करेंगे ?  जी हाँ सही बात है आप उस बीमारी से बचने के ऊपाय खोजने लगेंगे ताकि किसी तरह इस होने वाली बिमारी के टाला जा सके | एक बड़े अख़बार में छपी एक खबर के अनुसार ऐसी ही एक स्टडी नई दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में चल रही है | 15 हज़ार लोगों पर चल रही एक स्टडी में शामिल डॉक्टर्स ने दावा किया है कि लोगों के जीन्स की स्टडी करने के बाद यह संभव हो सकेगा |इस स्टडी का मकसद ऐसा फार्मूला इन्वेंट करना है जिससे 10-20 साल बाद होने वाली बिमारियों के बारे में बताया जा सके | इतना ही नही डॉक्टर्स ने बताया कि इसके अतिरिक्त उन बिमारियों के रोकथाम के लिए कौन से दवा कारगर रहेगी ये भी रिसर्च की जा रही है |

‘नया भारत निरोग भारत’ का दिया गया है नारा :

एम्स के न्यूरॉलजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर कामेश्वर प्रसाद का दावा है इतने व्यापक स्तर यह देश में की गयी पहली स्टडी है | इस स्टडी में शामिल लोगों में हर तरह के लोगोने के ब्लड सैम्पल लिए गये हैं | इनमे से आधे शहरी व आधे ग्रामीण लोग शमिल हैं | अभी तक लगभग 5000 लोगों के सैम्पल लिए जा चुके हैं |

इस स्टडी को नारा दिया गया है ‘नया भारत निरोग भारत’ | इसमें  डिपार्टमेंट ऑफ बायॉटेक्नॉलजी ने फंडिंग की है और नीदरलैंड की मदद पूरा किया जायेगा |

ऐसे पता चलेगा भविष्य में होने वाली बीमारी का :

  • 15000 लोगों के ब्लड के सैम्पल लेकर उनके जीन्स की गहराई से जाँच की जाएगी |
  • अगर आपको पहले कोई बीमारी हुई है तो उसके कारण जीन्स में आये बदलाव नोट किये जायेगे |
  • हर एक की केस स्टडी बनाकर जीवन शैली में हुए बदलाव के कारण हुई बिमारियों की स्टडी की जायेगी |
  • इस प्रकार इन ब्लड  सैम्पलों की जाँच करने पर लक्षणों के आधार पर किसी भी व्यक्ति को भविष्य में होने वाली बिमारियों के बारे में बताया जायेगा |

और भी कई देश कर रहे है प्रयास :

भारत के अलावा दुनिया के अन्य देश भी इस प्रकार की स्टडी कर रहे है | एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में करीब 10 लाख लोगों पर यह स्टडी चल रही है | वहां तीन पीढ़ियों के लोगों को स्टडी में शामिल किया गया है | और यह काम 1948 से अमेरिका में चल रहा है |