लाईलाज़ नही है दमा की बीमारी | आयुर्वेद में बताया गया है ये सफल इलाज

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अब पाइये दमा Asthma की बीमारी से छुटकारा | आयुर्वेद करेगा इस बीमारी का सम्पूर्ण नाश |

कहते हैं ‘दमा दम के साथ जाता है’ |दमा यानि अस्थमा का रोग कितना भयंकर है ये वही बता सकता है जिसने इसकी पीड़ा को सहा हो | व्यक्ति दमा का ईलाज़ करवाते-करवाते थक जाता है, अपना समय व धन नष्ट कर देता है, डॉक्टर व वैद्यों के चक्कर लगाते-लगाते जर्जर हो जाता है | फिर भी दमा का कोई स्थाई समाधान वह खोज नही पता है | आखिर में उसे समझ आ जाता कि अब तो ये रोग मृत्यु के साथ ही जायेगा |   परन्तु ये पोस्ट पढने के बाद आपकी धारणा बदल जाएगी |

क्यों असाध्य बन जाता है दमा -:

दमा असाध्य बनता नही बल्कि व्यक्ति की खुद की लापरवाही, अधिक मात्रा में एलोपेथिक द्वओं (salbutalmol आदि) का सेवन, आयुर्वेद के प्रति अविश्वास, नकली वैद्यों के चक्कर में फँसना ये सब कारण इसे असाध्य बनाते हैं |

क्या हैं अस्थमा (दमा) के लक्षण -:

दमा होने का पता व्यक्ति को जितना जल्दी चल सके उतना अच्छा है | इसके लक्षणों में साँस फूलना, घबराहट होना, साँस लेने में तकलीफ होना, धुल भरे वातावरण में असहज महसूस करना |

क्या करें जब पता चल जाये कि आप को दमा है -:

दमा होने पर आपको अपनी जीवन शैली में कुछ बदलाव करने आवश्यक है | धुल भरे वातावरण में जाने से बचना चाहिए | ठंडा फ्रिज का पानी व फ्रिज की अन्य कोई भी वस्तु प्रयोग नही लानी चाहिए | हलके योग-प्राणायाम करना शुरू कर देना शीघ्र आवश्यक है |

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