फांसी देते समय जल्लाद को अपराधी के कानों में चुपके से कुछ बोलना पड़ता ! जाने क्या बोलता है जल्लाद ?

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इस दुनिया में कोई इंसान मरना नहीं चाहता. हर किसी की ख्वाहिश होती है कि वो कई सालों तक जीता रहे लेकिन मौत को जब आना होता है वो आती है, उसे कोई रोक नहीं सकता. दुनिया में कई लोग अपनी पूरी जिंदगी जी कर मरते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको उनके कर्मों के आधार पर उम्र खत्म होने से पहले ही मौत दे दी जाती है. ये वो लोग होते हैं जिन्होंने बहुत बड़े अपराध किये होते हैं और इनको फांसी पर लटकाते हैं जल्लाद.

before-hanging words,जल्लाद

ये बाते बोलता है जल्लाद

जल्लाद का फंसी की सजा पाए अपराधी से कोई व्यक्तिगत बैर नहीं होता वो तो बस अपनी नौकरी कर रहा होता है इसलिए जल्लाद फंसी देने से पहले फांसी की सजा पाए अपराधी से एक बार कुछ खास शब्दों में माफ़ी मांगता है |जल्लाद जब किसी अपराधी को फांसी देते हैं तो उससे पहले वो उनसे अपने दिल की बात भी कहते हैं. जल्लाद अपराधी से कहता है कि, हिंदू भाइयों को राम-राम मुस्लिमों को सलाम हम क्या कर सकते हैं हम तो हैं हुक्म के गुलाम. इसके बाद जल्लाद अपराधी से माफ़ी भी मांगता है और फिर उसे फांसी दे देता है.

आपको बता दें कि भारत में फांसी देने के लिए सिर्फ दो ही जल्लाद हैं और जिन राज्यों में ये जल्लाद रहते हैं वहां की सरकारें इनको हर महीने 3000 रूपये देती हैं और किसी को फांसी दिये जाने पर इनको अलग से पैसे दिये जाते हैं. आतंकवादियों को फांसी दिये जाने पर इन जल्लादों को मोटी रकम दी जाती है जैसे इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी दिये जाने पर जल्लादों को 25000 रूपये दिये गये थे.