पौरुष शक्ति बढ़ाने के लिए घर पर ही तैयार करें आयुर्वेदिक दवा | ये रहा जबर्दस्त नुक्सा…….

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home remedies to increase men power in hindi

आयुर्वेद में वर्णित इन जड़ी-बूटियों का प्रयोग करके खुद तैयार करें  यह शक्तिशाली टॉनिक |

आयुर्वेद के महत्व को आज पूरी दुनिया समझ चुकी है | हर कोई इसे रोगों के इलाज में एक प्रभावशाली विज्ञान मानता है |आयुर्वेद एक नुकसान रहित चिकित्सा पद्धति है इसमें इलाज के लिए जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता हैं जो पूर्ण रूप से शुद्ध व प्रकृतिप्रदत हैं | आचार्य चरक ने आयुर्वेद में बुढ़ापा रोकने के लिए रसायन के प्रयोग को महत्व दिया है | इसी प्रकार जिन औषधियों से कामशक्ति में बढ़ोतरी होती है उन्हें वाजीकारक औषधियाँ कहा जाता है |

वाजीकारक औषधियाँ वे औषधियाँ है जिनके सेवन से पौरषहिन व्यक्ति भी अश्व के सामान शक्ति वाला बन जाता है | इन जड़ी बूटियों के सही इस्तेमाल से व्यक्ति बुढ़ापे तक जवान बना रह सकता है और जीवन का आनंद ले सकता है | तो आइये जानते है उन आयुर्वेदिक नुकसन के बारे में –

Home Remedies to Increase Men Power in Hindi-

  • अश्वगंधा की जड़, शतावरी, सफेद मुसली, गोखरू बीज, तालमखाना, कौंच बीज, गोखरू इन सभी को अच्छे से सुखाकर पीसकर रख लें | स्वाद में लिए इस मिश्रण में कुछ मिश्री भी मिला सकते हैं | इसकी 10 से 20 ग्राम मात्रा को देशी गाय के दूध के साथ प्रतिदिन सेवन करने से पौरुष-शक्ति में वृद्धि होती है |
  • विदारीकंद, आँवला, मुलेठी, शतावर के बराबर मात्रा में चूर्ण को मिलाकर शहद के साथ चाटने से व्यक्ति के अन्दर शीघ्र कामेच्छा जागृत हो जाती है |
  • आंवले के चूर्ण में आंवले के ही रस की 7 दिन तक भावना देकर *(रस में भिगोकर 7 दिन तक रखें) फिर उसका चूर्ण कर लें | इसमें बराबर मात्रा में अश्वगंधा और कौंच के बीजों का चूर्ण मिला लें | प्रतिदिन सुबह-शाम जो व्यक्ति इसका मिश्री युक्त गौदुग्ध से सेवन करे 100 वर्ष तक कामशक्ति सम्पन्न रहे |
  • उड़द को देशी घी में भुनकर उसकी खीर बना कर खाने से  पॉवर में यकीनन वृद्धि होती है |
  • लहसुन की कलियों को कच्चा या फिर घी में भुनकर खाने से काम शक्ति बढती है |
  • मुलेठी का शहद के साथ चूर्ण सभी प्रकार के यौन रोगों से छुटकारा दिलाता है |
  • शिलाजीत को दूध के साथ सेवन करने से नपुंसकता, शीघ्रपतन दूर होकर शुक्राणुओं में बढ़ोतरी होती है |
  • जायफल,गोखरू, विदारीकंद में थोडा शिलाजीत मिलाकर गुड, शहद या दूध से सेवन करें तो व्यक्ति कभी क्षीण नही होता |
  • हल्दी और सफेद मुसली के चूर्ण को दूध में उबालकर उस दूध को गर्म-गर्म ही पी लें | इसे रात को सोते समय ही पीयें | पीने के 2 घंटे तक नंगे पाँव जमीन पर न रखें | जबरदस्त लाभ होगा |
  • छोटी इलाइची व मुन्नका को दूध में बहुत अच्छे से उबाल लें | जब दूध आधा रह जाये तब इस दूध को पी लें |