ये है दुनिया की कुछ अजीबोगरीब रस्में और रिवाज जिन्हें जानकर आप कहेंगे हे भगवान ये भी होता है यहाँ

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दुनिया के हर कोने में लोगों के अपने-अपने अजीब रस्मोरिवाज हैं | कुछ रिवाज़ तो इतने शर्मनाक हैं कि आप इंसानियत पर भी भरोसा करना छोड़ देंगे |

इस धरती पर बहुत सी सभ्यताएं विकसित होकर नष्ट हो चुकी हैं | लेकिन इन सभ्यताओं से निकली कुछ रस्मे सदियों तक बिना किसी परिवर्तन के चलती रहती हैं | ऐसी ही अजीबोगरीब रस्में जिन पर विश्वास कर पाना 21वीं शताब्दी के एक सभ्य आदमी के लिए इतना आसान नही होता | आइये दुनिया की इन्ही कुछ ऐसी ही रस्मों के बारे में-

शरीर को बींधकर निशान बनाना

शरीर को बींधकर निशान बनाना

पपुआ न्यूगिनी कनिंनगारा जैसी डरावनी रस्म निभाते हैं | इस में वह शरीर को खुरचकर डिजाइन बनाते हैं, जिससे यह निशान जीवन भर रह जाते हैं | वहीं, हॉजटम्बरान (आत्माओं का घर) नामक रस्म में किशारों को आत्माओं के घर अकेले दो महीने के लिए छोड़ दिया जाता है | इसके बाद उन्हें मर्द बनाने की परंपरा निभाई जाती है | उनके शरीरपर बांस के लकड़ी से छोटे खूनी निशान बनाए जाते हैं | यह निशान इस समुदाय में मर्दानगी की निशानी है |

शिया मुसलमानों को शोक मनाना

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इतिहास में कई सभ्यताओं में रक्तपात के उदाहरण मिलते हैं। दुनियाभर में शिया मुस्लिम पैगंबर साहब के पोते इमाम हुसैन की मौत में शोक व्यक्त करते हैं | हुसैन की मौत शिया मुस्लिम द्वारा 7वीं सदी में करबला के युद्ध में हुई थी | सभी शिया मुस्लिम हुसैन की याद में शोक करते हुए कहते हैं, हम उस युद्ध में क्यों नहीं थे, अगर होते तो हुसैन को बचा लेते | सभी शिया खुद को पाप का भागीदार मानते हैं | वह अपने ऊपर अत्याचार करते हैं और खुद को लहूलुहान करते हैं |

बंजी जंपिंग

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पेसिफिक द्वीपसमूह पर स्थित बनलेप गांव में बड़ी अजीब रस्म निभाने की परंपरा है। कोल नामक सह परंपरा लैंड डायविंग या बंजी जंपिंग कहलाती है | ग्रामीण लोग ड्रम बजाते हैं, नाचते हैं और गाते हैं। वह लकड़ी के ऊंचे टॉवर से पैरों में रस्सी
में बांधकर छलांग लगाते हैं | कई बार इसमें हड्डी टूटने का खतरा रहता है। इनकी मान्यता है कि जितनी ऊंचाई से यह कूदेंगे, भगवान उतना ही आशीर्वाद देंगे |

जादू और वशीकरण

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वोडून पश्चिमी अफ्रीका के हिस्से का एक धर्म है। इनकी एक रस्म के अनुसार, इस समुदाय के लोग जंगलों में तीन दिन तक बिना खाने और पानी के रहते हैं | यहाँ यह आत्माओं से खुद को जोड़ते हैं | लोगों का मानना है कि उनका शरीर बेहोश हो जाता है |

आकाश में दफन

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तिब्बत के बौद्ध समुदाय के लोग पवित्र रस्म झाटोर हजारों सालों से निभाते आ रहे हैं | इसको Sky Burial भी कहते हैं | यह मृत शरीर को खुले आसमान में गिद्धों को दूसरे पक्षियों के लिए रख देते हैं | तिब्बत में मान्यता है कि इससे इंसान का पुर्नजन्म होगा | यहां मृत व्यक्ति के लाशा को टुकड़ों में काट कर सबसे ऊंची जगह फैला दिया जाता है |

आग पर से चलना

आग पर चलना

मलेशिया के पेनांग में 9 देवताओं का त्यौहार मनाने की परंपरा है | यहां की धार्मिक मान्यता के मुताबिक, आग के अंगारों पर चलने का चलन है | विश्वास है कि इससे यह आग से निकल कर पवित्र हो जाएंगे और बुरी शक्तिओं के बंधन से मुक्त हो
जाएंगे | यह परम्परा भारत के भी कई हिस्सों में पायी जाती है |

मृत शरीर के साथ नाचना

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भले ही आप सोच कर थोड़ा हंसे, लेकिन यह सच है कि मेडागास्कर में आदमी के मरने के बाद त्यौहार जैसा माहौल होता है। फामाडिहाना यानी टर्निग ऑफ द बोन्स रस्म में लोग दफन शवों को फिर से निकाल उनकी यात्रा निकालते हैं | इस दौरान लोग
गाते हैं, नाचते हैं | मस्जिद में कब्रों के नजदीक जोर से म्यूजिक बजाते हैं |

शवभक्षण

 

भारत कई जंगलों व पहाड़ों में अघोरी बाबा रहते हैं | यह मृत व्यक्ति के शरीर के टुकड़े और मांस के लूथड़े खाते हैं |इनका मानना है कि ऐसा करना से इनके मन से मौत का डर हमेशा के लिए चला जाएगा। इसके अलावा इन्हें आध्यात्मिक ज्ञानकी प्राप्ति हो जाएगी |