आम आदमी पार्टी के इस MLA से प्रभावित होकर इस युवक ने की EVM मशीन हैक……

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अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को पंजाब चुनाव में जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा था | लेकिन बजाय अपनी हार स्वीकार करने के आम आदमी पार्टी ने सारा दोष EVM मशीनों पर लगा दिया था |आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने  पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद मई में ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ करने का लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन दिया था।

आप विधायक के इसी कारनामे से प्रभावित होकर  पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज के 22 वर्षीय  छात्र सचिन राठोड ने गत दिनों हिमाचल में हुए  विधानसभा चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ का अॉफर कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं को दे दिया | जिसके बाद सचिन को शिमला पुलिस ने देशद्रोह (सेक्शन 142-ए) के आरोप में गिरफ्तार किया था। पिछले हफ्ते सचिन राठौर नाम के शख्स को शिमला लाया गया था। पुलिस ने उसके द्वारा उम्मीदवारों को की गई कॉल्स को ट्रेस कर पुणे के नांदेड से उसे पकड़ा था।

UPSC की पढाई का खर्च उठाने के लिये किया सब काण्ड

राठौर ने कहा, ”मुझे लगा कि यह आसानी से पैसा कमाने का अच्छा तरीका है, जिससे मैं यूपीएससी की तैयारी और आगे की पढ़ाई जारी रख सकता हूं”। एक पुलिस अफसर रघु तोमर ने कहा, ”राठौर ने बीजेपी और कांग्रेस के कई वर्तमान विधायकों को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान मैसेज भेजे थे। इसके अलावा तीन विधायकों के हक में ईवीएम हैक करने का अॉफर दिया था।

इसके लिए उसने 1 करोड़ रुपये की मांग की थी। पुलिस ने बताया कि राठौर इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज की असफल परीक्षाएं दे चुका है। उसने नांदेड के नगर निगम चुनावों में भी धोखाधड़ी करने की कोशिश की थी, लेकिन इसमें भी उसे कामयाबी नहीं मिली थी।

पहले भी लगे हैं EVM के साथ छेड़छाड़ के आरोप लेकिन कोई भी सिद्ध नहीं कर पाया

आपको बता दें की आम आदमी पार्टी के अलावा भी अनेक दूसरी पार्टियों ने भी EVM  मशीन से छेड़छाड का आरोप लगाया था  लेकिन इसके बाद निर्वाचन आयोग ने मई में ईवीएम से छेड़छाड़ की विपक्षी पार्टियों की शंकाओं को दूर करते हुए ईवीएम के निर्माण, मतदान, उन्हें लाने-ले जाने या एक जगह इकट्ठा किए जाने के दौरान उनसे छेड़छाड़ की संभावनाओं को खारिज किया था।

पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) नसीम जैदी ने कहा कि मशीनों की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के दिमाग में शंका पैदा करने वाले लोग कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं दे पाए, जो ईवीएम के हैक होने के उनके दावों का समर्थन कर सकें।

उन्होंने कहा था कि मशीन में न तो कोई चिप है और न ही कोई डेटा स्टोर किया गया है, जिससे किसी बाहरी उपकरणों जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ तथा बाहरी वायरलेस, वाई-फाई और इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से छेड़छाड़ की जा सके।