पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भारत के खिलाफ कही हैं ऐसी बाते कि अगर जवाब नहीं दिया…

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pak ex. president pervez musharraf statement that he is a big supporter of hafiz saeed and lashkar-e-taiba

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में खुद को लश्कर-ऐ-तैयबा व हाफिज सईद का सबसे बड़ा समर्थक बताया |

New Hindi News : भारत के पडोसी देश पाकिस्तान का आतंकवादी चेहरा अब पूरी दुनिया के सामने आ चुका है | अब यहाँ के राजनीतिज्ञ भी आतंक   की भाषा बोलने लगे हैं | इसी कड़ी में पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज़ मुशर्रफ   ने एक निजी टीवी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में आतंकी हाफिज सईद को समर्थन किया है | मुशर्रफ ने  कहा -‘मैं हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा समर्थक हूँ |’ मुंबई हमले का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद के बारे कहा कि वह मुझे बेहद पसंद है और मैं उससे मिल भी चुका हूं | मुशर्रफ ने आतंकी संगठन जमात-उद-दावा को लेकर यह भी कहा कि न सिर्फ मैं बल्कि वे भी मुझे पसंद करते हैं | यह बातें उन्होंने पाकिस्तान के ARY न्यूज चैनल  पर कही |

इंटरव्यू में मुशर्रफ ने यह भी कहा कि कश्मीर में भारतीय सेना को दबाने और एक्शन में रहने का सपोर्ट पहले से करता आया हूं | अमेरिका के साथ मिलकर भारत ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी घोषित कर दिया, लेकिन यह संगठन उनकी सबसे बड़ी ताकत है | मुशर्रफ यहीं नही रुके उन्होंने आगे कहा कि जी हां, लश्कर ए तैयबा कश्मीर में ही है और यह हमारे और कश्मीर के बीच का मामला है |

कई बार पहले भी कर चुके हैं ऐसी गुस्ताखी

पहले भी मुशर्रफ ने कहा था कि 1990 के दशक में कश्मीर में आजादी के लिए संघर्ष शुरू हुआ था | उस समय लश्कर-ए-तैयबा और 11-12 अन्य संगठन बने थे  | मैंने सदा ही उनका समर्थन किया है तथा उनके लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की थी, क्योंकि वे अपनी जान पर खेलकर  कश्मीर के लिए लड़ रहे थे |पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह मुशर्रफ इससे पहले भी बड़ा खुलासा कर चुके हैं | पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने  ओसामा बिन लादेन, अल जवाहिरी और हक्कानी को पाकिस्तान का हीरो बताया था मुशर्रफ ने कश्मीर में आतंकवादी भेजे जाने और उन्हें पाकिस्तान से पूरी मदद का खुलासा भी किया था |

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4 सालों तक देश में नही घुस पाए थे मुशर्रफ

2008 में सत्ता छोड़ने के बाद मुशर्रफ को तक़रीबन 4 साल देश के बाहर रहना पड़ा |  2013 में वे चुनाव लड़ने के इरादे से पाकिस्तान लौटे लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया गया |  मुशर्रफ़ बेशक ऐसे बयानों के जरिये पाकिस्तान के कट्टरपंथी तबके में अपने लिए समर्थन जुटाने की कोशिश में जुटे हों, लेकिन ऐसे में मुशर्रफ का ये बयान पाकिस्तान के उस झूठ की पोल खोलने के लिए काफी है जिसमे पाक आतंकवाद को बढ़ावा न देने का दावा करता आया है |