गुजरात चुनाव : मोदी को मात देने के लिए राहुल गाँधी ने अपनी रणनीति में किये हैं ये बदलाव

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rahul gandhi's full proof strategy to win gujrat election

22 सालों से गुजरात की सत्ता से दूर रही कांग्रेस बीजेपी के इस गढ़ में सेंध लगाने के लिए कोई कसर नही छोड़ना चाहती | ये है गुजरात चुनाव के लिए राहुल की नई रणनीति

New Hindi News : गुजरात में लम्बे समय से सत्ता से दूर रही कांग्रेस पार्टी के लिए इस बार गुजरात चुनाव अहम बना हुआ है | क्योंकि राजनीतिक पंडितों का मानना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत का रास्ता गुजरात चुनाव से होकर  जायेगा | वैसे भी राहुल गाँधी मोदी को मात देने के लिए इससे अच्छा मौका नही मिलने वाला | इसलिए गुजरात विधानसभा चुनाव कांग्रेस व बीजेपी   दोनों के लिए नाक का   सवाल बना हुआ है | कांग्रेस गुजरात में अस्तित्व को बचाने के लिए बीजेपी को मात देने में कोई कसार नही छोड़ना चाहती |यहाँ हिन्दू आबादी बड़ी संख्या में है | इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस  उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी भी हिन्‍दू मतदाता को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं |

राहुल गाँधी ने ऐसे बदली अपनी रणनीति

1.गुजरात में 90 प्रतिशत आबादी हिन्‍दुओं की है और कांग्रेस पार्टी इनको साधना चाहती हे |कांग्रेस ने पटेल नेता  हार्दिक पटेल, दलित आंदोलन के नेता जिग्‍नेश मेवाणी और ओबीसी आंदोलन के नेता अल्पेश ठाकोर को भी अपने खेमे में कर लिया है |जब जिग्‍नेश मेवाणी ने वडगाम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की तो कांग्रेस के वर्तमान विधायक मणिभाई वाघेला ने इस सीट से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया | वहीं अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो गए तो हार्दिक पटेल भी कांग्रेस को समर्थन का ऐलान कर चुके हैं. राहुल गांधी अपनी तरफ से भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते  अपनी हर रैली से पहले मंदिर में जाकर मत्‍था जरूर टेकते हैं |

2.गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान कई मुद्दे उठाए हैं, जिसमें रोजगार, मकान और संसद के शीतकालीन सत्र में देरी जैसी मुद्दे उठाए |इतना ही न ही नहीं उन्‍होंने राफेल सौदा और जय शाह जैसे मुद्दों को भी अपनी चुनावी रैलियों में उठाया |लेकिन राहुल गाँधी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करने से भी बच रही है | क्‍योंकि 2007 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी ने तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मौत का सौदगार’ कहा था जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा था |

3.राहुल गांधी अपनी रैलियों के दौरान भी किसी पर व्‍यक्तिगत हमलों से बचने की कोशिश कर रहे हैं | यहीं वजह है वह सरकार के फैसलों को लेकर बीजेपी को घेर रहे हैं | जैसे जीएसटी पर उन्‍होंने केन्‍द्र सरकार पर ‘गब्‍बर सिंह टैक्‍स’ के नाम पर हमला किया था और नोटबंदी समेत केन्‍द्र सरकार के कई फैसलों पर उन्‍होंने सवाल खड़े किए |

4.सोशल मीडियाको लेकर  भी राहुल गांधी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है | राहुल ने अपनी डिजिटल टीम में कई बदलाव किए और दिव्या स्पंदन उर्फ राम्या को सोशल मीडिया टीम की हेड बनाया है | राहुल की ये टीम सोशल मीडिया पर भी व्‍यक्तिगत हमलों से बच रही है और मोदी सरकार को नीतियों की आलोचना के आधार पर घेरने की कोशिश कर  रही हैं | सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने ‘विकास पागल हो गया’ आदि अभियान चलाये |

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5.खुद को जनता के करीब दिखाने के लिए अपने गुजरात दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कई ऐसे कार्य किये  जिससे पार्टी के नेता ही नहीं उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भी दंग रह गए थे | जैसे भरूच दौरे के दौरान जब एक लड़की उनकी गाड़ी के पास पहुंची तो उन्‍होंने उस लड़की को गाड़ी में ऊपर आने दिया | इसके बाद लड़की ने राहुल को बुके दिया और सेल्‍फी भी ली | अब राहुल गाँधी मंदिर भी जाने लगे हैं |