वित्तमंत्री बजट पेश करने जाते हैं तो हाथ में रेड सूटकेस क्यों रखते हैं ? जानिए इसके पीछे की असली वज़ह

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budget 2018

जब भी वित्तमंत्री बजट पेश करने जाते हैं तो हाथ में रेड सूटकेस लिए आते हैं और फोटो भी खिंचवाते हैं

New Hindi News : भारत सरकार हर साल अपना बजट पेश करती हैं| इसमें सरकार की आय व्यय का लेखा-जोखा होता है| और भविष्य के लिए आर्थिक योजनायें बनायीं जाती हैं| कल ही वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार के लिए बजट 2018 पेश किया लेकिन क्या आपने कभी गौर किया कि जब देश का वित्तमंत्री बजट पेश करने के लिए आता है तो अपने हाथ में एक रेड सूटकेस लिए होता है| और इस सूटकेस को हाथ में लेकर फोटो भी खिंचवाता है| क्या आप जानते हैं कि इस सूटकेस का क्या मतलब होता है ? जानिए इस सूटकेस के पीछे की पूरी कहानी …….

क्या है सूटकेस के पीछे की कहानी

भारत के बजट और इस रेड सूटकेस के बीच की कहानी काफी दिलचस्प है| कुछ सालों से पहले से नहीं बल्कि 150 से अधिक सालों से बजट और सूटकेस का रिश्ता है| बताया जाता है कि 1860 में ब्रिटेन के ‘चांसलर ऑफ दी एक्‍सचेकर चीफ’ विलियम एवर्ट ग्‍लैडस्‍टन फाइनेंशियल पेपर्स के बंडल को लेदर बैग में लेकर आए थे| तभी से यह परंपरा निकल पड़ी|

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार ‘बजट’ शब्द बॉगेटी से निकला हुआ है, जिसका मतलब होता है एक छोटा बैग| साथ ही इसमें सरकार के खर्चे और राजस्व की जानकारी रखने की परंपरा है|

इसके बाद 1860 के बाद से ब्रिटेन में जो कोई भी बजट प्रमुख रहे वे सभी लाल रंग के ‘ग्लैडस्टोन’ बैग को अपने बजट भाषण में इस्तेमाल करने लगे| यह ‘ग्लैडस्टोन’ बैग एक ट्रेंड बन गया। हालांकि, कई दशकों से इसी बैग को उपयोग में लाने से बैग खराब हो गया था, इस कारण 2010 में इस बैग को आधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया गया|

भले ही ब्रीफकेस का रंग हर बार एक जैसा न हो, लेकिन तस्वीर खिंचवाने का यह ट्रेंड ब्रिटेन की ही देन है| भारत की ओर से ब्रीफकेस परंपरा की शुरुआत देश के पहले वित्त मंत्री आर.के. षणमुगम चेटी से हुई| 26 नवंबर 1947 को बजट पेश करने जाते समय उनके हाथ में बैग था| बस तब से यह चलन भारत में है|