तो इसी कारण है क्रिसमस पर संताक्लोज़ की ड्रेस पहनने का इतना ट्रेंड

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santa claus on christmas day celebration

25 दिसम्बर यानि क्रिसमस डे पर संताक्लोज़ बच्चों को गिफ्ट देता है | इसाई धर्म के सबसे बड़े त्यौहार क्रिसमस डे को पूरी दुनिया में बड़ी धुमधाम से सेलिब्रेट किया जाता है|

New Hindi News : क्रिसमस का इंतजार हर किसी को रहता है | 25 दिसम्बर को भगवान जीसस क्राइस्ट के जन्मदिवस के रूप में मनाये जाने वाले इस त्यौहार पर हर कोई दूसरों को मैरी क्रिसमस कहकर बधाई देता है |संताक्लोज़ की ड्रेस पहनकर बहुत से लोग बच्चों को मिठाइयाँ व उपहार देते हैं | इस अवसर पर इसाई धर्म ने मित्रों व रिश्तेदारों को गिफ्ट देते हैं| 24 दिसम्बर की रात को ही इसका जश्न शुरू हो जाता है और 31 दिसम्बर तक चलता है |  

इसाई मान्यता के अनुसार जीसस क्राइस्ट एक महान व्यक्ति थे और उन्होंने समाज को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी| उन्होंने दुनिया के लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया था| इन्हें ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है| उस समय के शासकों को जीसस का संदेश पसंद नहीं था| उन्होंने जीसस को सूली पर लटका कर मार डाला था| ऐसी मान्यता है कि जीसस फिर से जी उठे थे|

जीसस के जन्म की कथा

बाइबिल के नए टेस्टामेंट में जीसस के जन्म से संबंधित एक कथा के अनुसार प्रभु ने मेरी नाम की एक कुँवारी कन्या के पास गैब्रियल नाम के एक देवदूत को भेजा जिसने मेरी को बताया कि ”भगवान के पुत्र जीसस तुम्‍हारी कोख से जन्‍म लेने आ रहे है और वे बड़े होकर राजा बनेंगे, जिसके राज्‍य की कोई सीमा नही होगी|”

इसके बाद गैब्रियल जोसफ के पास भी गए और उन्‍हे बताया कि ”तुम्‍हे मेरी नाम की स्‍त्री से शादी करनी है जो प्रभु के पुत्र को जन्‍म देने वाली है और उस स्‍त्री तथा उसके पुत्र की हिफाजत करनी है|”

जिस दिन जीसस का जन्म हुआ उस वक़्त मेरी और जोसफ बेथलेहम की तरफ जा रहे थे। रात ज्‍यादा होनेे की वजह से जोसफ एक अस्‍तबल में जा रूके और वहीं प्रभु के पुत्र जीसस का जन्‍म हुआ|

संताक्लोज़

संताक्लोज़  को सेंट निकोलस फादर Christmas के नाम से भी जाना जाता है जो कि इसाई धर्मिक कथाओं के अनुसार बहुत ही दयावान व्‍यक्ति थे| पश्चिमी संस्‍कृति के अनुसार सांता 24 दिसंम्‍बर की रात को बच्‍चों के घरों में आकर उपहार देते हैं| सांता क्लॉस मानवता का और प्रेम का सन्‍देश देते है, साथ ही इनका कार्य खुशियाँ बांटना है| पश्चिमी लोगो की ये मान्यता भी है कि खुशियों को बांटना ही प्रभु की सच्‍ची सेवा है|

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संताक्लोज़ को एक बूढ़े आदमी जिसकी सफ़ेद दाढ़ी है के रूप में पहचाना जाता है|माना जाता है कि सांता क्‍लाॅस नार्थ पोल में रहते हैं और 24 दिंस्‍मबर की रात्री को वे रेनडियर पर आते है और प्रभु जीसस के जन्‍म की खुशियां मनाने के लिए बच्‍चो को उपहार देते है|