शिव पुराण में छिपा है आपके जीवन की इन समस्याओं का समाधान

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shiv puran ke aasan totke upay

शिव अर्थात कल्याणकारी जो सभी के लिए केवल मंगल ही मंगल करता है |

हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान शिव इस विश्व का संहार करने वाला है | शिव पुराण में उनकी महिमा का वर्णन है | जीवन में आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के उपाय यहाँ बताये गये हैं | इसमें शिव को प्रसन्न करने और इच्छित फल लेने के लिए यदि कोई इन उपायों को विधि विधान के साथ पूर्ण करता है तो शिव शीघ्र प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं | शिव अपने भक्तों पर जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और सबका कल्याण करते हैं |

भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय

गंगा जल शिव को अति प्रिय है | शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है | सावन में रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं | यदि आपके विवाह में अड़चन आ रही है तो सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं। इससे जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैंसावन में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निपट कर समीप स्थित किसी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और उन्हें काले तिल अर्पण करें। इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति मिलेगी |

धन प्राप्ति के लिए

सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जप करें-

ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं

प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं | बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें | अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें | माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदानी में इजाफा होता है |

संतान प्राप्ति के लिए उपाय

सावन में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव का पूजन करें | इसके पश्चात गेहूं के आटे से 11 शिवलिंग बनाएं | अब प्रत्येक शिवलिंग का शिव महिम्न स्त्रोत से जलाभिषेक करें | इस प्रकार 11 बार जलाभिषेक करें | उस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें | यह प्रयोग लगातार 21 दिन तक करें। गर्भ की रक्षा के लिए और संतान प्राप्ति के लिए गर्भ गौरी रुद्राक्ष भी धारण करें | इसे किसी शुभ दिन शुभ मुहूर्त देखकर धारण करें |