इस एक नियम के पालन से मोटापा, मधुमेह और हार्ट-अटैक जैसी लगभग 40 बीमारियों से बच सकते हैं

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subah ka khana raja ki tarah

New Hindi News : सुबह के समय भरपेट भोजन करने से होते हैं हैरान करने वाले फ़ायदे यदि आप मोटापा, मधुमेह और हार्ट-अटैक जैसे गंभीर बीमारियों से छुटकारा चाहते हैं और पूर्ण स्वस्थ जीवन बिना किसी दवा और डॉक्टर के जीना चाहते हैं, तो आपको अपने जीवन में एक नियम का दृढ़ता से पालन करना चाहिए| वो नियम क्या है वो ये है कि ‘सुबह का खाना राजा की तरह‘ यानि आप सुबह के समय भरपेट भोजन करें, हलके नाश्ते के चक्कर में न पड़ें| नाश्ता भारतीय शब्द नही है यह अंग्रेजों का शब्द है| आयुर्वेद के किसी भी ग्रन्थ में नाश्ता  ज़िक्र नही मिलता केवल भोजन के बारे में बताया गया है|

आज से लगभग ढाई हज़ार साल पहले आयुर्वेद के महान ऋषि हुए वाग्भट जी| उन्होंने अपनी पुस्तक अष्टांगहृद्यम में ये बात स्पष्ट रूप से बताई है कि सुबह के समय खूब भोजन करिए जो मन करे वो खाएं| सुबह का भोजन 9 बजे से पहले कर लें| और शाम को सूर्यास्त से पहले रात्रि का भोजन कर लें| रात्रि में केवल दूध पीयें|

भोजन करने के नियम

इसके पीछे वाग्भट जी का तर्क ये है कि जब सूर्य निकलता है तब हमारी जठराग्नि बहुत तेज़ होती है जो भोजन को पचाने में सहायक होती है| दुसरे जब सुबह के समय हम खूब सारा भोजन करके दिनभर काम करते हैं तो वो सारा का सारा भोजन पच जाता है| इसके विपरीत यदि शाम के समय अधिक खाना हम खाते हैं और खाते ही सो जाते हैं तो इसके दुगुने नुक्सान होते हैं| एक तो उस समय सूर्य का प्रकाश न होने से हमारी जठराग्नि मंद पड़ जाती है दुसरे रात्रि में कुछ काम न करने से भोजन का ठीक से पाचन नही हो पाता| इसके कारण मोटापा बढ़ता है| और आप जानते हैं कि मोटापा सब रोगों का कारण है|

subah ka khana raja ki tarah
महर्षि वाग्भट

इस विषय में आयुर्वेद के ज्ञाता श्री राजीव भाई दीक्षित ने भी गहरी बात बताई है| सुबह के भोजन के बारे में राजीव दीक्षित ने मनुष्य के अलावा अन्य जीव जन्तुओं का उदाहरण देकर समझाया है| उन्होंने कहा है कि महुष्य के अलावा अन्य सभी जीव-जन्तु सुबह में नाश्ता नही केवल भोजन करते हैं| चिड़िया सुबह चार बजे उठकर भोजन करना शुरू करती है| जानवरों में बंदर को तो मनुष्य के काफी करीब माना जाता है वो भी सुबह के समय ही अधिक भोजन करता है और रात्रि में सूर्यास्त के बाद अधिकतर जीव-जन्तु भोजन नही करते| इसलिए किसी जानवर को मधुमेह, हार्ट-अटैक और जोड़ों का दर्द आदि कोई बीमारी जीवन में कभी नही आती|

इसलिए आप भी इस नियम का आप भी पालन करिए और स्वस्थ जीवन का लाभ उठाये| प्रकृति के अनुकूल दिनचर्या और ऋतुचर्या बनायें|लेख राजीव दीक्षित के व्याख्यानों पर आधारित है|