तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से इतनी बीमारी खत्म हो जाती है आपने कभी सोचा भी नहीं होगा

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tambe ke bartan me pani ke fayde in hindi

आयुर्वेद के अनुसार तांबे के बर्तन में पानी पीने के लाभ !

New Hindi News : पानी प्रकृति का वरदान है| यह हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्व है| पानी में मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स हमारे शरीर का पोषण करते हैं| आयुर्वेद के अनुसार यदि पानी को तांबे के बर्तन में डालकर रखा जाये और फिर इसे पिया जाये तो बिना किसी दवा के हमारे शरीर के बहुत से रोग दूर हो सकते हैं| तभी तो तांबे के बर्तन का पानी पीने के लिए कहा गया है| आइये जानते हैं आयुर्वेद के अनुसार तांबे के बर्तन का पानी पीने के क्या नियम हैं|

तांबे के बर्तन का पानी पीने के नियम

यह पानी पीने के लिए आयुर्वेद में कुछ नियम बताये गये है जो तांबे के बर्तन के पानी पीने से पहले आपको याद रखने चाहिए | यह पानी कम से कम 8 घंटे तांबे के बर्तन में रखा हुआ होना चाहिए| इससे पानी में तांबे के सभी गुण आ जाते हैं| जो कि अधिक लाभकारी होता है| दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पीना चाहिए|

तांबे के बर्तन में पानी पीने के लाभ

1.पेट की सभी समस्याओं के लिए तांबे का पानी बेहद फायदेमंद होता है| प्रतिदिन इसका उपयोग करने से पेट दर्दगैसएसिडिटी और कब्ज जैसी परेशानियों से निजात मिल सकती है|

2.एनीमिया या खून की कमी एक ऐसी समस्या है जिससे 30 की उम्र से अधिक की कई भारतीय महिलाएं परेशान हैं| कॉपर के बारे में यह तथ्य सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक है कि यह शरीर की अधिकांश प्रक्रियाओं में बेहद आवश्यक होता है| यह शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करने का काम करता है| इसी कारण तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से खून की कमी या विकार दूर हो जाते हैं|

3.शरीर की आंतरिक सफाई के लिए तांबे का पानी कारगर होता है| इसके अलावा यह लिवर और किडनी को स्वस्थ रखता है और किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन से निपटने में तांबे के बर्तन में रखा पानी लाभदायक होता है|

4.अगर कोई भी व्यक्ति वजन घटाना चाहता है तो एक्सरसाइज के साथ ही उसे तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना चाहिए| इस पानी को पीने से बॉडी का एक्स्ट्रा फैट कम हो जाता है और शरीर में कोई कमी या कमजोरी भी नहीं आती|

5.थायराइड की बीमारी में भी तांबे के बर्तन का पानी लाभकारी माना गया है | थायरेक्सीन हार्मोन के असंतुलन के कारण थायराइड की बीमारी होती है| थायराइड के प्रमुख लक्षणों में तेजी से वजन घटना या बढ़ना, अधिक थकान महसूस होना आदि हैं| थायराइड एक्सपर्ट मानते है कि कॉपर के स्पर्श वाला पानी शरीर में थायरेक्सीन हार्मोन को बैलेंस कर देता है| यह इस ग्रंथि की कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करता है| तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से रोग नियंत्रित हो जाता है|

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6.तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से त्वचा पर किसी प्रकार की समस्याएं नहीं होती| यह फोड़े-फिंसी और त्वचा संबंधी अन्य रोगों को पनपने नहीं देता जिससे आपकी त्वचा साफ और चमकदार दिखाई देती है|

 7. एसिडिटी या गैस या पेट की कोई दूसरी समस्या होने पर तांबे के बर्तन का पानी अमृत की तरह काम करता है| आयुर्वेद के अनुसार, अगर आप अपने शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में कम से कम 8 घंटे रखा हुआ जल पिएं| इससे राहत मिलेगी और पाचन की समस्याएं भी दूर होंगी|