भोजन में मसाले,बिमारियों को टाले | Top 5 Spices for Kitchen

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भोजन में करिए इन मसालों का उपयोग, कोई भी बीमारी आपके आसपास भी नही आएगी |

स्वास्थ्य की कुंजी हैं ये मसाले, भोजन में शामिल करके बचा जा सकता है कई गंभीर से गंभीर बीमारी से | Top 5 Spices for Kitchen

Top 5 Spices for Kitchen:

वैसे तो आयुर्वेद में ‘मसाला’ शब्द का प्रयोग कहीं नही किया गया है | शायद यह शब्द संस्कृत का न होकर कोई उर्दू या फारसी का है | और भारत में मसाला शब्द मुगलों की देन है | खैर शब्दों को अगर हम छोड़ें तो हमे आयुर्वेद के अध्ययन से पता चलता है कि भारत की भूमि जड़ी बूटियों से सदा सम्पन्न रही है | जिन्हें आज हम मसाले कहते हैं हमारे पूर्वज ऋषि-मुनि उन्हें औषधियाँ या फिर जड़ी-बूटियाँ कहा करते थे | आज हम आपको इन्ही मसालों के बारे में बताने जा रहे हैं | जिनका सेवन प्रचीन काल से ही लोग करते आ रहे हैं |

Top 5 Spices for Kitchen:

1.हल्दी-:

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भोजन में सबसे अधिक प्रयुक्त होने वाला यह एक गुणकारी मसाला है | हर किसी के रसोईघर में इसका प्रयोग किया जाता है | अपने एंटीसेप्टिक गुणों के कारण इसका इस्तेमाल कई क्रीम व  औषधियाँ बनाने के लिए किया जाता है | सौन्दर्य प्रसाधनो में भी इसका उपयोग किया जाता है |

गुण : हल्दी में कई बिमारियों को दूर करने के गुण पाए जाते हैं | यह जुखाम से लेकर कैसर तक की बीमारियों के खात्मे के लिए कारगर है |

2. दालचीनी-:

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हमारे भोजन का स्वाद बढ़ाने वाली दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसमे सबसे अधिक औषधीय गुणों का भंडार है | भोजन को लज़ीज़ बनाने में यह हर पाकशास्त्री की पहली पसंद रही है | दालचीनी रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करती इसीलिए मधुमेह के रोगियों के लिए यह किसी वरदान से कम नही है | इसमें प्राकृतिक इन्सुलिन भी पाया जाता है | कोलेस्ट्रोल ,हृदय रोग, रक्तचाप के रोगी भी अगर इसका सेवन करें तो बहुत फायदा मिलता है | दालचीनी घाव को तेज़ी से भरने में मदद करता है |

 

3.बड़ी इलाइची -:

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प्राकृतिक गुणों की खान इलाइची का प्रयोग भोजन के स्वाद को कई गुणा बढ़ा देता है | भारत सदियों से बड़ी इलाइची का उत्पादक व उपभोक्ता होने के साथ निर्यातक भी रहा है | इसकी प्रकृति गर्म होती है , शरीर के वात व कफ़ दोषों के शमन के लिए बड़ी इलाइची रामबाण दवाई है | इसका प्रयोग सर्दियों में ज्यादा करना उचित होता है | गर्म प्रकृति के कारण इसके अधिक मात्रा में सेवन से मुह के छाले होने का डर रहता है और शरीर में पित दोष में बढ़ोतरी होती है |

 

4. काली मिर्च -:

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लज़ीज़ व्यंज़नों के ओर अधिक लज़ीज़ बनाने के लिए काली मिर्च से बढ़कर कोई मसाला नही है | इसके नाम व पहचान से हर कोई परिचित है | सामान्य रोगों जैसे खांसी, जुकाम, बुखार आदि रोगों में तुलसी के पत्तों , सौंठ, छोटी पीपल आदि के साथ इसका काढ़ा बनाकर लेने से शीघ्र लाभ मिलता है |

5. जायफल -:

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शरीर की पाचन क्रिया को दरुस्त करने व शक्ति बढ़ाने के लिए शिशुओं को भी जायफल को माँ के दूध में घिसकर चटाया जाता है | इसी प्रकार हम इसका प्रयोग भोजन में मसालों के तौर पर कर सकते हैं | यह भोजन के स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को भी लाभ पहुंचाता है |