प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) : कहीं धरती को अंधकार में न ले जाये ये प्रकाश |

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what is light pollution and it's effect

प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) के रूप में धरती पर एक नई आफत आने वाली है, जिसके बारे में कभी आपने कभी सोचा भी न होगा और न ही बुद्धिजीवियों का ध्यान अब तक इसकी तरफ गया है |

प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) धरती के पर्यावरण पर आने वाली एक नवनिर्मित समस्या है | जिससे मनुष्य से लेकर पशु-पक्षी व पेड़-पोधे तक प्रभावित हो रहे हैं | कई खगोल शास्त्रियों ने अपने  अध्ययन में दावा किया है कि आने वाले समय में पृथ्वी पर ये समस्या एक विकराल रूप धारण करने जा रही है | याद कीजिए अमावश्या की वो काली घनघोर रात और उस रात में आसमान में टिमटिमाते असंख्य तारे देखने वालों की आँखों को कितना सुकून देते थे | और गर्मियों में खुले आसमान नीचे दादी-नानी रात में बच्चों को तारों की कहानियां सुनाया करती थी | लेकिन आज अधिक प्रकाश के कारण वो तारामंडल स्पष्ट  दिखाई  नही पड़ता |

क्या है प्रकाश प्रदूषण

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शोध में दावा किया गया है कि दुनिया भर में आई ‘एलईडी क्रांति’ के कारण धरती पर प्रकाश प्रदूषण बढ़ रहा है | यह पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा नुकसान कर रहा है | रात में लगातार गायब होते अंधकार के कारण दिन और रात का अन्तर घट रहा है | इसका सीधा असर पर्यावरण, पेड़-पोधों, जीव-जन्तुओं व मानव के स्वास्थ्य पर पड़ रहा  है | इन्सान का तो बॉडी क्लॉक इससे बहुत प्रभावित हो रहा है | इससे दिनचर्या पर बुरा असर हो रहा है | तनाव व कैंसर तक का खतरा बढ़ गया है | साइंस एडवांसेज में प्रकाशित एक शोध के अनुसार 2012 से 2014 के बीच धरती   पर एलईडी लाइट से रात को रोशन होने वाले इलाके में 2.2 की डर से वृद्धि हो रही है |

अन्य प्रदूषण की तरह प्रकाश प्रदूषण भी औधोगिक क्रांति की ही देन है | जब बेवजह रात को अधिक प्रकाश किया जाता है तो आकाश में मौजूद धूल-कणों के इसके सम्पर्क में आने से  आसमान लालिमा लिए दिखाई देने लगता है | जहाँ पर अधिक प्रकाश होता है ये समस्या वहां अधिक होती है | इससे रात्रि अपनी प्रकृतिक छटा खो देती है |

प्रकाश प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव

प्रकृति में सबकुछ नियमो में बंधा है | हर चीज़ का अपना समय होता है | जैसे दिन के समय सूर्य के प्रकाश की आवश्यता होती है इसी प्रकार रात्रि के समय अंधकार की भी आवश्यकता होती है | इस प्रकार प्रकृति अपना संतुलन बनाये रखती है | लेकिन जब रात्रि में भी प्रकाश ही होगा तो यह प्रकृति के विरुद्ध है | और इस संसार में जो कुछ भी प्रकृति के विरुद्ध होगा संभवतः नुकसानदेह ही होगा |

जीवों पर असर

पशु-पक्षियों को ईश्वर ने खास गुणों से नवाज़ा है | इन्ही गुणों के कारण ये जीव प्रकृति के सम्पर्क में रहकर आवश्यक जीवन क्रियाएं करते हैं | आपने देखा होगा कि जीव-जन्तुओं के भोज़न, निषेचन व प्रजनन सम्बन्धी नियम प्रकृति से जुड़े होते हैं | जैसे अधिकतर पक्षी (चिड़िया आदि) सुबह जल्दी उठकर भोज़न कर लेते हैं | शाम होते ही घोसले में लौट कर आना, रात्रि में अंडे देना ये सभी कार्य प्रकृति से उनकी समझ के कारण समय पर पुरे होते हैं | लेकिन रात्रि में अधिक प्रकाश के कारण उन्हें समय का भ्रम हो जाता है |

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प्रकाश प्रदूषण का बुरा असर मानव जीवन व पेड़-पोधों पर भी पड़ता है | पेड़-पोधे रात्रि में एक विशेष तत्व बनाते हैं जो उनके भोज़न बनाने की क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | अधिक रोशनी के कारण उनकी इस प्राकृतिक क्रिया पर असर हो रहा है | और मानुष शरीर के कई हार्मोन्स रात्रि के अंधकार में ही बनते हैं | अधिक प्रकाश के सम्पर्क में रहने के कारण मनुष्य के शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो रहे हैं | जिसका उल्टा असर हमारे इम्यून सिस्टम पर हो रहा है |