16 साल बाद आया वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले का फैसला ! इस कंपनी को देने होंगे 617 करोड़

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which airlines's aeroplane used in 9/11 attack will pay 617 crore to wtc

डब्ल्यू. टी. सी. को 16 साल बाद हर्जाने के रूप में मिलेंगे 617 करोड़ रूपये | यूनाइटेड व अमेरिकन एयरलाइन्स पर सुरक्षा में चूक के लिए  वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के डेवलपर्स ने 2004 में किया था केस |

11 सितम्बर 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुआ आतंकवादी हमला पूरी दुनिया के लिए तबाही का एक खोफनाक मंज़र था | इसने एक बार फिर विश्व के सामने आतंकवाद का एक क्रूर चेहरा सामने ला दिया था | इस हमले में आतंकवादियों ने जिन दो विमानों का अपहरण करके इस्तेमाल किया था उनकी एयरलाइन्स को अब 617 करोड़ रूपये हर्जाने के रूप में डब्ल्यू. टी. सी. को  देने होंगे |

यह है पूरा मामला

आपको याद होगा कि 11 सितम्बर 2001 को अमेरिका में एक बहुत बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था | इस हमले में करीब 3000 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी | यह हमला वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुआ था जो कि इतिहास में 9/11 अटैक के नाम से जाना जाता है | इस हमले के 6 सप्ताह पहले ही अमेरिकन बिज़नसमैन लैरी सिल्वरस्टीन ने ट्विन टावर्स को 99 सालों के लिए लीज़ पर लिया था | इस हमले में उनकी बिल्डिंग पूरी तरह से नष्ट हो गयी | क्योंकि इस बिल्डिंग का बीमा करवाया हुआ था इसलिए सिल्वरस्टीन को 25 हज़ार करोड़ रूपये इंश्योरेंस क्लेम के रूप में मिले थे |

इसके अगले साल वर्ष 2004 में सिल्वरस्टीन ने दोनों एयरलाइन्स (यूनाइटेड व अमेरिकन एयरलाइन्स)पर भी केस किया | उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला एयरलाइन्स की लापरवाही की वज़ह से हुआ था | उनकी सुरक्षा की चूक की वजह से विमान का अपहरण हुआ |इसी कारण इतना बड़ा हमला हो सका | और उनके विमानों का इस्तेमाल करके ही उनकी बिल्डिंग गिराई गयी | इसलिए उन्हें हर्जाना दिया जाए | यह केस 13 सालों तक चला |

सिल्वरस्टीन ने दोनों एयरलाइन्स से कुल 75 हज़ार रूपये क्लेम किये थे | इसके खिलाफ दोनों एयरलाइन्स ने मिलकर केस का सामना किया | हालाँकि ये दोनों एयरलाइन्स हर्जाने से तो नही बच सकी | फिर भी काफी कम रकम देकर उन्होंने ये केस निपटा दिया | उन्हें 617 करोड़ रूपये देने पड़े |

अदालत के फैसले पर दोनों पक्षों ने जताई संतुष्टि

अदालत के इस निर्णय से दोनों ही पक्ष खुश दिखे | दोनों पक्ष के वकीलों ने साझा बयान जारी करते हुए कहा – ‘केस लम्बे समय तक चला, दोनों पक्षों की सहमती से ये निर्णय लिया गया है| सबसे बड़ी ख़ुशी इस बात की है कि उस काले दिन का चैप्टर हमेशा के लिए बंद हो गया | अमेरिका उस बर्बादी को कभी भूल नही सकता | ये शांति का समझोता है |’ वहीँ सिल्वरस्टीन ने बताया कि उनकी कंपनी अब तीन नये वर्ल्ड ट्रेड सेंटर टावर बनाने जा रही है |