हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार इन कामों से घटती है मनुष्य की आयु

0
why human being dies at early age

New Hindi News : हिन्दू शास्त्रों के अनुसार मानव शरीर की आयु कम से कम सौ वर्ष बताई गयी है| लेकिन मनुष्य खुद ऐसे कर्म करता है जिससे उसकी आयु कम हो जाती है| वैसे तो जीवन और मृत्यु भगवान के हाथ है| परन्तु भगवान ने मनुष्य को कर्म करने के लिए स्वतंत्र रखा हुआ है| इसीलिए उसे अच्छे-बुरे कर्मों का ज्ञान करवाने के लिए मनुष्य के लिए ज्ञान दिया जाता है| आज हम हिन्दू धर्म ग्रन्थों में    वर्णित कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे है जो मनुष्य के शरीर को समय से पहले ही रोगी बना देती हैं | वो कर्म जिन्हें करने  से हमारा शरीर शीघ्र मृत्यु को प्राप्त होता है|

शास्त्रों के अनुसार ये हैं उम्र घटाने वाले कर्म

शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति धर्म को नहीं मानते है नास्तिक है, कोई भी कार्य नहीं करते है, अपने गुरु और शास्त्र की आज्ञा का पालन नहीं करते है, व्यसनी, दुराचारी होते है उन मनुष्यों की आयु स्वत: कम हो जाती है| जो मनुष्य दूसरे जाति या धर्म की स्त्रियों से संसर्ग करते हैं, उनकी भी मृत्यु जल्दी होती|

हम सभी मनुष्यों को मंजन करना,नित्य क्रिया से निवृत होना, अपने बालों को संवारना, और देवताओं कि पूजा अर्चना ये सभी कार्य दिन के पहले पहर में ही अवश्य कर लेने चाहिए| जो मनुष्य सूर्योदय होने तक सोता है तथा ऐसा करने पर प्रायश्चित भी नहीं करता है,जो ये समस्त कार्य अपने निर्धारित समय पर नहीं करते, जो पक्षियों से हिंसा करते है वे भी शीघ्र ही काल के ग्रास बन सकते हैं|

 सुबह के समय मैथुन करने तथा अत्यधिक मैथुन करने से भी मनुष्यों की आयु कम होती है| हमारे महापुरुषों ने सुबह का समय योग, प्राणायाम आदि के लिए निश्चित किया है| इस समय यदि कोई मनुष्य मैथुन (स्त्री से शारीरिक संबंध) करता है तो इससे उसका शरीर कमजोर होता है। अत्यधिक मैथुन के कारण शरीर लगातार कमजोर होता जाता है और व्यक्ति मृत्यु की और अगरसर होता है|

यह भी पढ़ें -:शास्त्रों में बताई गयी हैं कलियुग के बारे में ये रोचक बातें ! आप भी जानिए

जो मनुष्य सूर्य, अग्नि, गाय तथा ब्राह्णों की ओर मुंह करके और बीच रास्ते में मूत्र त्याग करते हैं, उन सब की आयु कम हो जाती है|मैले, टूटे और गन्दे दर्पण में मुंह देखने वाला, गर्भवती और रजस्वला स्त्री के साथ सम्बन्ध बनाने वाला,उत्तर और पश्चिम की ओर सर करके सोने वाला, टूटी, ढीली और गन्दी खाट/पलंग पर सोने वाला, किसी कोने ,अंधेरे में पड़े पलंग, चारपाई पर सोने वाला मनुष्य कि आयु अवश्य ही कम हो जाती है|

शौच के समय अपने मल-मूत्र की ओर देखने वाले, अपने पैर पर पैर रखने वाले, माह कि दोनों ही पक्षों की चतुर्दशी,अष्टमी,अमावस्या व पूर्णिमा के दिन स्त्री से संसर्ग करने वाले व्यक्तियों कि अल्पायु होती है|अत: हमें इनसे अवश्य ही बचना चाहिए|